शराब से घर हो रहे बर्बाद , शराबी मजदूरी के पैसे छीन लेते है और करते हैं हिंसा
शराब से घर हो रहे बर्बाद , शराबी मजदूरी के पैसे छीन लेते है और करते हैं हिंसा
सुरेन्द्र जैन मालथौन।
मालथौन के ग्राम किशन गढ़ की महिलाएं बोली कच्ची पक्की शराब बंद करवा दो घर परिवार बर्बाद हो रहे है,शराबियों से आतंकित है महिलाएं घरलू हिंसा की शिकार हो रही है। साहब शराब बंदी करवा दो चेतावनी भरे लहजो में कहा की नहीं तो हम लोग कढा रुख अख्तियार करेगी।
मालथौन सहित ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले से शराब की बिक्री जारी हैं। मालथौन के वार्ड नंबर 6 और किशनगढ़ पंचायत की दो दर्जन से अधिक महिलाएं मंगलवार को अनुविभागीय अधिकारी मालथौन कार्यालय पहुंची। कार्यालय का घेराव करते हुए महिलाओं ने अवैध रूप से बिक रही शराब और शराब दुकानों को रहवासी इलाकों में संचालित होने के चलते प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किशनगढ़ की महिलाओं ने पंचायत में अवैध रूप से बन रही कच्ची शराब, और बिक रही शराब को बंद करने की मांग की तो वहीं मालथौन से पहुंची महिलाओं ने रहवासी इलाको से शराब दुकानें नगर से बाहर संचालित कराने की मांग ज्ञापन के माध्यम से की हैं। किशनगढ़ पंचायत की सरपंच रामबती अहिरवार ने बताया कि हम सभी महिलाएं ग्राम पंचायत में बन बिक रही अवैध शराब को बंद कराने पहुंची हैं। उनके साथ गांव की एक दर्जन आदिवासी महिलाएं थी। सभी ने एक स्वर में बताया कि शराब के कारण उनके परिवार टूटने की कगार पर हैं। अगर शराब मिलेगी ही नहीं तो उनके पति और घर के सदस्य हो सकता है शराब पीना छोड़ दें। उन्होंने कहां की उनके पति उनके मजदूरी के रुपयों को छीनकर शराब पीते हैं और रुपए ना देने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। अवैध शराब की खपत में बेताहाश वृद्धि होने से महिलाएं बहुत खफा हैं और वे आंदोलन पर आमादा हैं।बच्चे-बूढ़े सभी इसकी चपेट में आते जा रहे हैं। इसकी गिरफ्त में आए लोग बीमार पड़ रहे हैं और घर तबाह हो रहे हैं।
शराब दुकान हटाने तीन साल पहले दिया था ज्ञापन -
मालथौन से एसडीएम कार्यालय पहुंची वार्ड नंबर 6 की महिलाओं ने बताया कि वह तीन साल पहले शराब दुकान को नगर से बाहर करने तहसीलदार, सीएमओ ,सहित थाना प्रभारी को आवेदन दे चुकी हैं लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई हैं। गंगा बाई ने बताया कि उनके घर के पास ही शराब दुकान हैं। शराब पीने वाले मोहल्ले लड़कियों को देखकर बदतमीजी करते हैं। लेकिन प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं करता हैं।उनकी मांग हैं कि शराब दुकान नगर के बाहर एकांत में भेज दी जाएं। गौरतलब है कि बीते दिनों शराब दुकानें रहवासी इलाकों से हटाने विधायक भूपेंद्र सिंह ने भी कलेक्टर सागर को पत्र लिख चुके हैं जिसके बाद भी शराब दुकानें जस की तस हैं।मानों जिला कलेक्टर की भी शराब दुकानों को हटाने की मंशा नहीं हैं। लिहाजा शराब लॉबी से जुड़े लोग शराब को क्षेत्र में गंगा की भांति बहाना चाहते हैं, जिसके भयावह परिणाम सामने आने लगे हैं। शराबियों की संख्या में दिनों दिन इजाफा होता जा रहा है और दुर्घटनाओं का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा हैं।
एसडीएम कार्यालय के सामने संचालित शराब दुकान-
एक शराब दुकान तो एसडीएम कार्यालय के बाहर निकलते ही दिख जाती हैं। नेशनल हाइवे 44 पर स्थित यह शराब दुकान रहवासी इलाके के बीच में हैं। दुकान के चारों तरफ संभ्रांत परिवार निवासरत है साथ ही कुछ ही दूरी पर एक निजी स्कूल भी संचालित हैं। इसके बाद भी प्रशासन ने दुकान हटाने कोई प्रयास नहीं किए हैं।
हटाने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखूंगा -
पूरे मामले में एसडीएम मुन्नवर खान ने बताया कि महिलाओं की शराब बंदी की मांग से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। और शराब दुकान हटाने पुरानी जो कार्यवाही होगी उसके तहत कलेक्टर महोदय को पत्र जारी कर शराब दुकान हटाई जाएगी।
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