अपनी क्षमता का विकास ही हमारे नारीत्व की पहचान है - डाॅ प्रतिभा तिवारी


अपनी क्षमता का विकास ही हमारे नारीत्व की पहचान है - डाॅ प्रतिभा तिवारी 

स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय सागर एवं भारतीय स्त्रीषक्ति के संयुक्त तत्वाधान में 5 मार्च को अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस को दृष्टिगत करते हुए “महिला सुरक्षा और हमारे दायित्व वर्तमान संदर्भ में” विषय पर संगोष्ठी के आयोजन पर उपरोक्त वाक्य अपने अध्यक्षीय उद्बोधन प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय स्त्री शक्ति सागर (म0प्र0), डाॅ0 प्रतिभा तिवारी ने कहे। मुख्य अतिथि श्रीमती आरती यादव जी की प्रशंसा में कहा कि अच्छा विचार ही हमारे जीवन की जननी है। हमें गर्व है की हम महिला है। हम जन्म देकर अंबा है और जब परिवार, समाज, राष्ट्र के हित में कार्य करते है तो हमारा स्वरूप जगदंबा का हो जाता है। अपने स्वप्न को साकार करने के लिए हमे छोटे-छोटे प्रयास करके बड़े लक्ष्य तक पहुँचना है। समाज की प्रत्येक गतिविधियों से हम अवगत हो और अपनी सक्रीय सहभागिता समाज में प्रस्तुत करें तभी राष्ट्रीय विकास में हमारा योगदान सार्थक होगा। आपने महिला स्वास्थ स्वाध्याय, स्वावलंबन, अपनी शिक्षा तथा अपने सम्मान का हम विषेष ध्यान दे यही हमारी जागरूकता का प्रमाण है। क्योंकि अपनी क्षमता का विकास ही हमारे नारीत्व की पहचान है। संगोष्ठी का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। इसके उपरान्त स्वागत एवं संगोष्ठी का उद्देश्य संस्था की विभागाध्यक्ष हिन्दी, स्वामी विवेकानंद वि0वि0 सागर डाॅ0 ममता सिंह द्वारा किया गया। आपने भारतीय स्त्रीशक्ति एवं महिला दिवस के विषय को विस्तार से पटल पर रखा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित संयुक्त कलेक्टर, सागर (म0प्र0), जो अर्थषास्त्र से पारंगत है और स्वणपदक विजयता भी है, श्रीमती आरती यादव आपने कहा कि - हमने जो बंधने की आदत डाली है जन्म से मरने तक की हमें ऐसे बंध के नहीं रहना है। कोई और जंजीर हमें बांधे इसका अधिकार किसी को नहीं देनी चाहिए। अपनी चमक को खुद बरकरार रखों क्योंकि दुनिया आपकी चमक देखकर आँख बंद करने को तैयार बैठी है। आपने शारीरिक स्वास्थय के बारे में बताते हुए कहा महिलाओं को सबसे पहले अपनी स्वास्थ का ध्यान रखना चाहिए एवं प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाने के लिए कहा जिससे महिलाऐं स्वस्थ रहेंगीं। हममें बहुत सहन शक्ति होती है। आज ऐसा दौर नहीं है कि महिला किसी कार्य को कर ना पाये, महिला आज के समय में सब कुछ कर सकती है। हमें अपने हृदय को स्वस्थ रखना चाहिए और आत्मा पर काम करना चाहिए। मुख्यतः आपके वक्तव्य का सारांष था कि महिला को अपनी प्रतिभा सदैव प्रदर्शित करनी चाहिए एवं सदा अपने लिए खुश रहे। इस अवसर पर संस्था की विभागाध्यक्ष वाणिज्य एवं प्रबंध, डाॅ सुनीता दीक्षित की ओर से आभार ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन डाॅ0 सुषमा द्विवेदी द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्रीमती शैलबाला बैरागी, श्रीमती शालिनी तिवारी, युवान चैनल से पधारी सुश्री शालिनी राजोलिया जिन्होंने मुख्य अतिथि एवं भारतीय स्त्री शक्ति की डाॅ0 प्रतिभा तिवारी जी का साक्षात्कार लिया। श्रीमती सुमन तिवारी, श्रीमती माधवी तिवारी, श्रीमती जाग्रति पटैरिया, श्रीमती विद्योत्मा महोविया, श्रीमती ज्योति गौतम, समस्त शैक्षणिक-अषैक्षणिक स्टाफ एवं छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया। कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

Comments

Popular posts from this blog

भारत भारती के माध्यम से राष्ट्रीयता का नवजागरण, मैथिलीशरण गुप्त ने राष्ट्रीयता को सर्वोपरि माना - श्रीराम माहेश्वरी

...कि रजिया गुंड़ों में फस गई!

सागर में दो दिन चलेगी सुर-ताल की जुगल बंदी, देश के नामी कलाकार देंगे प्रस्तुती